बैरोजगारी की समस्या
बैरोजगारी दुनिया में बैरोजगारी की समस्या दिन प्रति बढती जा रही है। ईसका मुख्य कारण है दुनिया की तेजी से बडती आबादी जहॉ पर लोग खेतों के लिये हल का प्रयोग करते थे वहॉ पर अब मशीन का प्रयोग कर खेतों को उवरर्क बनाया जा रहा है। जिससे खेती करना पहले से जायदा सरल हो गया है। तथा खेतों मे लोगों की आवश्कता कम पड रही है। जिससे लोग कम दामों पर भी कार्य करने को तैयार है। फिर भी लोगों को रोजगार नही मिल रहा है। आज युवाआ पढा लिखा होने के बावजुद भी नोकरीयों के लिऐ धक्के खा रहें है। सरकार नव युवकों को रौजगार दिलने कि बातें करती है पर फिर भी सरकार रौजगार दिलाने में अस्मर्थ है। क्योंकि आज का युवा सरकारी नौकरी की चाह में दिन रात पढते है। लेकिन स्लेकशन सिर्फ 2 3 प्रतिशर्त का होता है। जिससे युवाओं में बेराजगारी बढती जा रही है। और फिर ज वह परावेट की तरफ अपना रूजान बढता है तब तक काफी देर हो जाती है क्योंकि परावेट मे लोग आपका एक्सपिरियंस मांगते है जो की युवाओं के पास नहीं होता। जिसके कारण युवा डिपरेशन में चले जाते हैं। सरकार प्रचारो में बेरोजगारी को अपना हथियार बना कर वोट बटोरने की कोशिश करती है। सभी पार्टी चुनाव में बडे बडे वादे करती है। जेसे ही चुनाव का नतिजे आते हैं। तो नेता वादों से ंमुकर जाते है। बेरोजगार युवा के भी तो क्या करे । सरकार को जल्द ही युवाओं के रोजगार के आवश्यक कदम उढाने चाहीये । क्योंकि युवा हर देशों को भविष होता है। पुरन्तु राजनेताओं को इस से क्या सभी राज नेताओं को पता है। युवा वर्ग अगर बेरोजगार रहगा तो उनका ही फाऐदा है। राजनेता अपने बच्चों को अपने देश की बजाये बाहर देशों मे भेजना पंसद करते है। नेता ही नही बडे – बडे व्यापरियों के बच्चे भी अपने बच्चों को बाहर देश पढाना चाहते हैं। तथा देशो में बढते भ्रष्टाचार भी चिंता का विष्य बना हुआ है । यह भ्रष्टाचार जायदा तर सरकारी नौकरी में हो रहे है। क्यों कि सरकारी नौकरी मे कम काम करन होता है। साथ ही हर मॉं बाप का सपना होता है कि उसका दामदा एक सरकारी वाला लडका हो । चहि के कितना भी दहेज क्यों ना देना पढे । देने को तैयार हैं। बेरोजगार युवा अपनी बढती उर्म से भी परेशान है। जब सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी तो कौन मॉं बाप अपनी बेटी की शादी बेरोजगार से कराऐगा । तथा बेरोजगार लडका गरीब परिवार कि लडकी से शादी करता है। आदि आबादी आज डेपरेशन का शिकार है। लोग कहते है बेरोजगार युवाअोंं में काबलीयत नही है आगर नहीं है काबिलियत तो खुद के बच्चों को रिश्वत से भरती कराना भी एक प्र्र्रकार की काबिलियत है। कोई लडकी के मां बाप काबिलित वाला लडका नहीं देखती।कि वह कितना काबिल है वो तो सीफ्र यह देखती हैं कि लडका सरकारी है या नहीं उनको भी पता हाता है कि लडका रिसवत देकर भरती हुआ किंतु सरकारी जोब हो लडके के पास सब गुनाह माफ हो जाते हैं जो लडका काबिलियत हो उसकी सरकारी नौकरी न लगे तो लडकी के मां बाप उसे गुडा आवारा समझते हैं । आज के जनरेशन में सरकारी लडके को छुट होती है कि वह कितनी भी शादी कर सकता है। सरकार सिफ्र लडकी पढाने पर धियान दे रही है। तथा लडकीयो को सरकारी जॉब दे रही हैं । लेकीन सवाल यह है कि अगर इेसी तरह से लडकी को जोब दी जाऐगी तो लडकी तो सिर्फ नौकरी वाले लडके से ही शादी करेगीं । सरकार को यह नियम निकालना चाहिऐ जिस लडकी को सरकारी जॉग मिले वो सिर्फ बेरोजगार युवा से शादी करेगी। पंरतु ऐसा होगा नहीं सरकार सिर्फ अपना फायेदा कर रही है। जायदा तर अमीर लोग अपने देश में रहना नहीं चाहते है । जायदा तर देश के जवान भी सौशल मिडीया पर एकटिव है। ताकि उनकी इनकम सौशल मिडिया से आती रहै। तथा सुन्दर लडकी के मॉ बाप को आसानी रहै है सरकारी लडका डुंडने में लडकीयों तो रखेल भी बनने को तैयार हैं। उनको पता है हमारे देश को विकास हो ना हो उनका विकास जरूर हो जाऐगा। सरकारी लडके को यदी कुछ भी हो जाऐ। पेनशन तो सरकार दे ही देगी। एक बार सरकार पेशन बंद कर दे तो को भी व्यक्ति देश कि सेवा नही करगा। सरकार को पता है हम इन्हें पेशन दिंगें यह हमारी रक्षा करेंगे ओैर अमीरों कि भी । यदी यह नही कर पाई तो जन्ता में बहुत से बेरोजगार है उन्हें आगे कर दिगें ।